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Kaifi Azmi
 
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* वक्त ने किया क्या हंसी सितम *
वक्त ने किया क्या हंसी सितम 
तुम रहे न तुम, हम रहे न हम । 

बेक़रार दिल इस तरह मिले 
जिस तरह कभी हम जुदा न थे 
तुम भी खो गए, हम भी खो गए 
इक राह पर चल के दो कदम ।

जायेंगे कहाँ सूझता नहीं 
चल पड़े मगर रास्ता नहीं 
क्या तलाश है, कुछ पता नहीं 
बुन रहे क्यूँ ख़्वाब दम-ब-दम ।
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