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Khurshid Hayat
 
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* मेरे इश्क को इक हिजाब लिखना *
इक नगमा है जिसे मेरा जूनून कहता है ज़माना 
मेरे इस जूनून को नया एतबार लिखना ;
लिख देना लफ्ज़ ए मोतबर मेरे नाम 
मेरे इश्क को इक हिजाब लिखना ;
रहमतों की एक नई चदरिया लिखना 
कोलतार से होंटों को इक नई मुस्कराहट लिखना ;
टूटे बिखरे वजूद को रहमतों का आँचल लिखना 
बरगंडी रंग बालों को ;
चांदनी रात की नई राहें लिखना 
फकीर ए शहर की रूह को इक नई रिदा लिखना ;
चहारदीवारी में क़ैद ज़िन्दिगानी को 
समुन्दर की लहरें लिखना ;
कहानियों की ज़मीन के नाम 
नई लहलहाती हुई फसलें लिखना ;
बाँझ होती धरती को सब्ज़ मासूम बचपन लिखना ;
चमकती बिजली लपकते शोलों को 
मुसलाधार बारिश लिखना 
 
प्यासे परिंदे की उड़ान को 
जीवन की पतंग लिखना ;
किस्तों में बंटे जीवन को 
इक नया संगीत लिखना 
इक नया गीत लिखना ......इक नया गीत लिखना ...(खुर्शीद हयात )
 اک نغمہ ہے جسے میرا جنوں کہتا ہے زمانہ 
میرے اس جنوں کو نیا اعتبار لکھنا 
لکھ دینا لفظ معتبر میرے نام 
میرے عشق کو اک حجاب لکھنا 
 رحمتوں کی اک نئی چدریا لکھنا 
کولتار سے ہونٹوں کو اک نئی مسکراہٹ لکھنا 
ٹوٹے بکھرے وجود کو  رحمتوں کا آنچل لکھنا 
برگنڈی رنگ بالوں کو 
چاندنی رات  لکھنا  
فقیر شہر کی روح کو اک نئی ردا لکھنا 
چہار دیواری " میں قید زندگانی کو "
سمندر کی لہریں لکھنا 
کہانیوں کی زمین کے نام 
نئی لہلہاتی ہوئی فصلیں لکھنا 
بانجھ ہوتی دھرتی کو سبز معصوم بچپن لکھنا 
چمکتی بجلی ،لپکتے شعلوں کو 
موسلادھار بارش لکھنا - 
 
 
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